Class 11 PSA Language Convention Hindi Test
Class 11 · PSA Language Convention Hindi
This is online test 01 for Class 11 PSA Language Convention Hindi Test. There are 24 questions in this test with each question having around four answer choices.
Questions & Answers
1
निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। विभिन्न परिस्थितियों में विचार-ऊर्जा कैसे जाग्रत होती है?
- Aसद् विचारो का अनुसरण करने से।
- Bतीसरे नेत्र के खुलने से।
- Cमनुष्य के स्वयं विचार करने से।Correct
- Dमनुष्य की विवेक शक्ति से।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। विचार रूपी नेत्र को असाधारण क्यों माना जाता है?
- Aइससे मानव जीवन उद्देश्य पूर्ण है।
- Bइससे किसी समस्या के आर पार देखने की दूर दृष्टि प्राप्त है।Correct
- Cयह चर्म-चक्षुओं की भाँति साधारण नही होता।
- Dइससे जीवन में शुभ दर्शन होते है।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। विचार शून्य मनुष्य का जीवन यंत्रवत हो है क्योंकि
- Aवह बिना उद्देश्य का जीवन जीता है।
- Bवह किसी वस्तु के आर पार देखने में असमर्थ होता है।
- Cवह जीवन में शुभ के दर्शन से वंचित रह जाता है।Correct
- Dउसके पास तृतीय नेत्र का अभाव होता है।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। आचार किसका अनुसरण करता है?
- Aविचारशील मनुष्य का।Correct
- Bसोद्देश्य जीवन का।
- Cशुभदर्शी मनुष्य का।
- Dअसाधारण मानव का।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। कर्तव्य मार्ग से कौन नहीं भटकता?
- Aविचार को उपलब्ध व्यक्ति।Correct
- Bअनुशासित व्यक्ति।
- Cकर्मठ व्यक्ति।
- Dयांत्रिक व्यक्ति।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। 'जागरण' शब्द तात्पर्य है-
- Aसचेत होना।Correct
- Bसफलता पाना।
- Cलक्ष्य निर्धारित करना।
- Dउद्देश्य बनाना।
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। दिए गए अनुच्छेद में नेत्र का पर्यायवाची शब्द है-
- Aविवेक
- Bज्योति
- Cचक्षुCorrect
- Dदर्शन
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद तो ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नो के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुनें- स्वच्छ विचार करने से प्रत्येक परिस्थिति विचार की ऊर्जा का क्रमशः जागरण है और जब विचार जागता है तो जीवन में एक नया नेत्र उपलब्ध हो जाता है। यही वह तीसरा नेत्र है जो हमारे दो चरम चक्षुओं की भाँति साधरण नही वरन किसी भी वस्तु समस्या और पार देखने की दूर दृष्टि रखता है। जो विचार रूपी नेत्र उपलब्ध नहीं पाते, वे जीवन का काम दो चर्म नेत्रों से चलाते है। इस तीसरे यांत्रिक नेत्र के अभाव में ऐसे लोगो को, जीवन में जो शुभ है, उसके दर्शन नही हो पाते। उनका जीवन यांत्रिक रूप से चलता है, जिसका न कोई लक्ष्य होता है, न उद्देश्य। जिसको विचार रूपी नेत्र उपलब्ध हो गया और विवेक की ज्योति मिल गई है वह किसी भी परिस्थिति में कर्त्तव्य मार्ग से नही भटकता। उसका आचार अपने आप उसका अनुचर बन जाता है। स्वच्छ शब्द का संधि विच्छेद है-
- Aस्वः+च
- Bसु+अच्छCorrect
- Cस्व+च्छ
- Dस्व्+च्छ
9
बुढ़ापा भी एक प्रकार का अभिशाप है। रेखांकित शब्द की संज्ञा है-
- Aभाववाचक संज्ञाCorrect
- Bव्यक्तिवाचक संज्ञा
- Cसमूहवाचक संज्ञा
- Dजातिवाचक संज्ञा
10
'गुरु' शब्द की भाववाचक संज्ञा है-
- Aगहनता
- Bगांभीर्य
- Cगंभीरता
- DगुरुताCorrect
11
कवि का स्त्रीलिंग है-
- Aकविइत्री
- Bकवयित्रीCorrect
- Cकवित्रि
- Dकवियित्री
12
बाल का स्त्रीलिंग है-
- AबालिकाCorrect
- Bवालिका
- Cबाला
- Dबाली
13
"वृक्ष से पत्ते गिरते है"- इस वाक्य में 'से' किस कारक का चिन्ह है?
- Aअधिकरण
- Bकरण
- CअपादानCorrect
- Dकर्म
14
वृक्ष पर पक्षी बैठे है- इस वाक्य में 'पर' कौन सा कारक है?
- Aसम्प्रदान
- BअधिकरणCorrect
- Cअपादान
- Dकर्म
15
'महोदय' का सही संधि विच्छेद है-
- Aमहा+ओदय
- Bमहा+उदयCorrect
- Cमहान+उदय
- Dमहो+दय
16
'महेश' का सही संधि विच्छेद है-
- Aमहो+इश
- Bमहि+ईश
- Cमहा+ईशCorrect
- Dमहो+ईश
17
निम्नलिखित में से वाक्य के शुद्ध रूप का चयन कीजिए-
- Aपिछले सोमवार को विद्द्यालय बंद होना है।
- Bपिछले सोमवार को विद्द्यालय बंद था।Correct
- Cपिछले सोमवार को विद्द्यालय बंद रहेगा।
- Dपिछले सोमवार को विद्द्यालय बंद है।
18
निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए-
- Aबाघ और बकरी एक घाट पर पानी पीती है।
- Bश्रीकृष्ण के अनेक नाम है।Correct
- Cबंदूक एक उपयोगी शस्त्र है।
- Dयह मेरा पुस्तक है।
19
मालूम होता है तुम्हारे यहाँ रहने का संयोग समाप्त हो गया है। रेखांकित वाक्यांश के लिए सही मुहावरा है-
- Aडेरा उठ जाना
- Bहाथ तंग होना
- Cअन्न जल उठ जानाCorrect
- Dनाता टूट जाना
20
अरुण ने परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए बहुत परिश्रम किया। रेखांकित वाक्यांश के लिए सही मुहावरा है-
- Aलोहे के चने चबाना
- Bजान पर खेलना
- Cएड़ी चोटी का जोर लगानाCorrect
- Dलुटिया डूबाना
21
'नीरस' का विलोम शब्द है-
- Aअरस
- BसरसCorrect
- Cरसीला
- Dविरस
22
'कृतज्ञ' का विलोम शब्द है-
- Aकृपण
- Bकठिन
- Cकरुण
- Dकृतध्नCorrect
23
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द- जो पहले कभी न हुआ हो-
- Aअपूर्व
- Bअभूतपूर्वCorrect
- Cअनुपम
- Dअद्भुद
24
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द- जिसने देश के साथ विश्वासघात किया हो-
- Aबागी
- Bविद्रोह
- Cविश्वासघाती
- Dदेशद्रोहीCorrect