Class 11 PSA Language Convention Hindi Test
Class 11 · PSA Language Convention Hindi
This is online test 01 for Class 11 PSA Language Convention Hindi Test. There are 24 questions in this test with each question having around four answer choices.
Questions & Answers
1
निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। कविता मनुष्य के ह्रदय को उदार बनाती है।
- Aयह कथन अंशतः असत्य है।
- Bयह कथन अंशतः सत्य है।
- Cयह कथन असत्य है।
- Dयह कथन सत्य है।Correct
2
निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। अत्याचार की बात सुनकर क्या करना चाहिए?
- Aउसका सक्रिय विरोध करना चाहिए।Correct
- Bदूसरों का ध्यान उधर आकर्षित करवाना चाहिए।
- Cउदासीन हो जाना चाहिए।
- Dदूर भाग जाना चाहिए।
3
निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। कवि-वाणी के प्रसार से हम क्या अनुभव करते है?
- Aप्रसन्नता अनुभव करते है।
- Bसंकुचित स्वार्थी भाव अनुभव करते है।
- Cसंसार के भाव स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है।Correct
- Dआत्मभिमान अनुभव करते है।
4
निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। 'मार्मिक' शब्द में कौन सा प्रत्यय है?
- AइकCorrect
- Bईक
- Cमा
- Dमर्म
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। 'अर्थलोभ' का तात्पर्य है-
- Aधन प्राप्ति का लोभ।Correct
- Bभाव जानने का लोभ।
- Cविचार जानने का लोभ।
- Dकिसी शब्द के अर्थ जानने का लोभ
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। 'कृपण' शब्द का पर्यायवाची है-
- Aधार्मिक
- BकंजूसCorrect
- Cभक्ति
- Dलोलूप
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। 'आनंद' का विलोमार्थी शब्द है-
- Aकष्ट
- BशोकCorrect
- Cक्लेश
- Dदुःख
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निर्देश- नीचे दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित प्रदत प्रश्नों के उत्तर दिए गए चार विकल्पों में से चुने- कवि-वाणी के प्रसार से हम संसार के सुख दुःख, आनंद-क्लेश आदि का शुद्ध स्वार्थमुक्त रूप में अनुभव करते है। इस प्रकार के अनुभव के अभ्यास से ह्रदय का बंधन खुलता है और मनुष्य की उच्च भूमि की प्राप्ति होती है। किसी अर्थपिशाच कृपण को देखिए। जिसने केवल अर्थलोभ के वशीभूत होकर क्रोध, दया, श्रद्धा, भक्ति आत्मभिमान आदि भावो को एकदम दबा दिया है और संसार के मार्मिक पक्ष से मुँह मोड़ लिया है। न सृष्टि के किसी रुपमाधुर्म को देख वह पैसों का हिसाब-किताब भूल कभी मुग्ध होता है, न किसी-दीन-दुखिया को देख कभी करुणा से द्रवीभूत होता है, न कोई अपमानसूचक बात सुनकर क्रुद्ध या क्षुब्ध होता है। अत्याचार का सक्रिय विरोध आवश्यक है। स्वार्थ मुक्त अनुभव करने से क्या होता है-
- Aह्रदय का बंधन खुलता है।Correct
- Bकृपणता बढ़ती है।
- Cआत्म अभिमान का विकास होता है।
- Dअर्थलोभ आता है।
9
इत्यादि का संधि विच्छेद है-
- Aइति+यादि
- Bइति+आदिCorrect
- Cइत+आदि
- Dइत+यादि
10
विद्द्यालय का संधि विच्छेद है-
- Aविद्द्या+आलयCorrect
- Bविद्+आलय
- Cविद्+लय
- Dविद्द्या+लय
11
निम्नलिखित में से वाक्य के शुद्ध रूप का चयन कीजिए-
- Aउसे अनुतीर्ण होने की आशंका है।Correct
- Bउसे अनुतीर्ण होने का संशय है।
- Cउसे अनुतीर्ण होने की आशा है।
- Dउसे अनुतीर्ण होने का शक है।
12
निम्नलिखित में से वाक्य के शुद्ध रूप का चयन कीजिए-
- Aमैं गाने का शोक करता हूं।
- Bमैं गाने का व्यायाम करता हूं।
- Cमैं गाने की कसरत करता हूं।
- Dमैं गाने का अभ्यास करता हूं।Correct
13
मोहन अपने वृद्ध माता पिता के लिए अंधे की लकड़ी है। रेखांकित मुहावरे का अर्थ है-
- Aबहुत समझदार
- Bआज्ञाकारी
- Cनालायक
- Dएकमात्र सहाराCorrect
14
जब मैंने उससे सहायता माँगी तो उसने मुझे अंगूठा दिखा दिया। रेखांकित मुहावरे का अर्थ है-
- Aआगे आना
- Bझगड़ा करना
- Cबात मान लेना
- Dस्पष्ट इंकार कर देनाCorrect
15
'अनुराग' का विलोम शब्द है-
- AविरागCorrect
- Bआग्रह
- Cराग
- Dआयात
16
'उपकार' का विलोम शब्द है-
- Aआगम
- BअपकारCorrect
- Cआदान
- Dआहार
17
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द- जिसका वर्णन न किया जा सके-
- Aअकथ
- Bअकथ्य
- Cअवर्णनीयCorrect
- Dगरिष्ठ
18
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द- जो क्षमा न किया जा सके-
- Aअक्षम्यCorrect
- Bअजर
- Cप्रत्यक्ष
- Dअज्ञ
19
'धरती' का पर्यायवाची शब्द है-
- Aसरसी
- Bविपुला
- Cचंचला
- DअचलाCorrect
20
'घोडा' का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
- Aअश्व
- Bहय
- CकटकCorrect
- Dघोटक
21
निम्नलिखित में से शुद्ध वर्तनी का चयन करो-
- Aदुरगम
- Bदुग्रम
- Cर्दुगम
- Dदुर्गमCorrect
22
निम्नलिखित में से शुद्ध वर्तनी का चयन करो-
- Aसृष्टिCorrect
- Bश्रष्टी
- Cश्रष्टि
- Dश्रृष्टि
23
वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति श्रीकृष्ण के अनेक गुणों का____________ कवि ने अपनी इस कविता में किया है।
- Aचिंतन
- Bमनन
- Cवर्णनCorrect
- Dबखान
24
वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति वर्तमान ___________ में भी महात्मा के विचारो का महत्व कम नही होता।
- Aक्षेत्र
- Bकार्यकलाप
- Cसंदर्भCorrect
- Dघटना